राजनीति
स्वतंत्रता आंदोलन का वीर
बीते दिनों स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर पूरे देश में उनके यागदान को याद किया गया. लेकिन भारत का विपक्ष और लिबरल गुट इस दिन पूरी ताक़त के साथ अपना एजेंड़ा चलाने में व्यस्त था. लेकिन सत्य को संवाद से डर नहीं लगता. असत्य ही आंख मिलाने से डरता है. सत्य सामना करता […]
राहुल ने बर्बाद किया एक और संसद सत्र
भारतीय लोकतंत्र की आत्मा संसद में बसती है. संसद केवल विधायी निर्णयों का मंच नहीं, बल्कि वह संस्थागत स्मृति है जहां राष्ट्र की संवैधानिक चेतना आकार लेती है. दशकों से चली आ रही परंपराएं और लिखित नियम इसकी गरिमा और विश्वसनीयता की रक्षा करते आए हैं. इन्हीं परंपराओं में एक बुनियादी सिद्धांत यह भी है […]
मेसी की भारत यात्रा में टीएमसी का खेल
बीते दिनों जब फुटबॉल के जानेमाने खिलाड़ी लियोनेल मेसी भारत आए, तो पश्चिम बंगाल में उनके तीन दिवसीय दौरे के दौरान जो अपमानजनक हादसा हुआ, वह न केवल फुटबॉल प्रेमियों का दिल तोड़ने वाला था, बल्कि पूरे बंगाल की साख को धूल में मिला देने वाला था. बंगाल की हर गली-नुक्कड़ से फुटबॉल खिलाड़ी निकलते […]
सरदार पटेल के साथ नेहरू का विश्वासघात
किसी व्यक्ति का महत्व उसके गज़र जाने के बाद ही समझ आता है. अफसोस की बात है कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता. 15 दिसंबर, 1950 सुबह 9:37 बजे जब भारत के तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने मुंबई के बिड़ला हाउस में अंतिम सांस […]